Thursday, May 13, 2021
Breaking News
Home / Business व्यापार / Local Lockdown Will Cause A Loss Of 2.8 Crores By June – भारतीय अर्थव्यवस्था: स्थानीय लॉकडाउन से जून तक लगेगी 2.8 लाख करोड़ की चपत – GoIndiaNews

Local Lockdown Will Cause A Loss Of 2.8 Crores By June – भारतीय अर्थव्यवस्था: स्थानीय लॉकडाउन से जून तक लगेगी 2.8 लाख करोड़ की चपत – GoIndiaNews

एजेंसी, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Tue, 04 May 2021 06:27 AM IST

भारतीय अर्थव्यवस्था
– फोटो : social media

ख़बर सुनें

वैश्विक ब्रोकरेज फर्म बार्कलेज का कहना है कि भारतीय अर्थव्यवस्था की पटरी से उतरने से बचाने के लिए संक्रमण पर काबू पाना जरूरी है। अगर हालात ऐसे ही भयावह बने रहे और कई राज्यों में भारी स्थानीय लॉकडाउन जून तक लागू रही तो इससे अर्थव्यवस्था को 38.4 अरब डॉलर (2.8 लाख करोड़) की चपत लग सकती है।

बार्कलेज ने कहा कि संक्रमण की पहली लहर पर काबू पाने के लिए लगे देशव्यापी लॉकडाउन से मांग और रोजगार पर बुरा असर पड़ा था। दूसरी लहर में महामारी के अधिक निराशावादी परिदृश्य पर अगर शीघ्र नियंत्रण नहीं पाया गया और आवाजाही पर अगस्त तक प्रतिबंध जारी रहा तो वृद्धि दर गिरकर 8.8 फीसदी पर आ सकती है।

वृद्धि दर अनुमान को घटाकर 10 फीसदी किया
बार्कलेज ने चालू वित्त वर्ष के लिए देश के आर्थिक वृद्धि दर अनुमान को 11 फीसदी से घटाकर 10 फीसदी कर दिया है। उसके विश्लेषकों ने कहा कि संक्रमण की दर और मरने वालों की तेजी से बढ़ती संख्या के कारण उत्पन्न अनिश्चितता को देखते हुए वृद्धि दर अनुमान में कटौती की गई है। 

टीककरण की धीमी रफ्तार भी सुधार की संभावनाओं को प्रभावित कर सकता है। इससे पहले कई एजेंसियां वृद्धि दर अनुमान में कटौती कर चुकी हैं। आरबीआई ने भी कहा कि 2021-22 के दौरान अर्थव्यवस्था 10.5 फीसदी की दर से वृद्धि करेगी।

विस्तार

वैश्विक ब्रोकरेज फर्म बार्कलेज का कहना है कि भारतीय अर्थव्यवस्था की पटरी से उतरने से बचाने के लिए संक्रमण पर काबू पाना जरूरी है। अगर हालात ऐसे ही भयावह बने रहे और कई राज्यों में भारी स्थानीय लॉकडाउन जून तक लागू रही तो इससे अर्थव्यवस्था को 38.4 अरब डॉलर (2.8 लाख करोड़) की चपत लग सकती है।

बार्कलेज ने कहा कि संक्रमण की पहली लहर पर काबू पाने के लिए लगे देशव्यापी लॉकडाउन से मांग और रोजगार पर बुरा असर पड़ा था। दूसरी लहर में महामारी के अधिक निराशावादी परिदृश्य पर अगर शीघ्र नियंत्रण नहीं पाया गया और आवाजाही पर अगस्त तक प्रतिबंध जारी रहा तो वृद्धि दर गिरकर 8.8 फीसदी पर आ सकती है।

वृद्धि दर अनुमान को घटाकर 10 फीसदी किया

बार्कलेज ने चालू वित्त वर्ष के लिए देश के आर्थिक वृद्धि दर अनुमान को 11 फीसदी से घटाकर 10 फीसदी कर दिया है। उसके विश्लेषकों ने कहा कि संक्रमण की दर और मरने वालों की तेजी से बढ़ती संख्या के कारण उत्पन्न अनिश्चितता को देखते हुए वृद्धि दर अनुमान में कटौती की गई है। 

टीककरण की धीमी रफ्तार भी सुधार की संभावनाओं को प्रभावित कर सकता है। इससे पहले कई एजेंसियां वृद्धि दर अनुमान में कटौती कर चुकी हैं। आरबीआई ने भी कहा कि 2021-22 के दौरान अर्थव्यवस्था 10.5 फीसदी की दर से वृद्धि करेगी।

Source link

About GoIndiaNews

GoIndiaNews™ - देश की धड़कन is an Online Bilingual News Channel - गो इंडिया न्यूज़ पर पढ़ें देश-विदेश के ताज़ा हिंदी समाचार और जाने क्रिकेट, बिज़नेस, टेक्नोलॉजी, धर्म, मनोरंजन, बॉलीवुड, खेल और राजनीति की हर बड़ी खबर

Check Also

Reserve Bank Of India Rbi Amended Kyc Rules For Video Based Customer Identification Process – Rbi ने वीडियो आधारित पहचान प्रक्रिया के लिए Kyc नियमों में किया संशोधन, ऐसे होगा फायदा – GoIndiaNews

पीटीआई, नई दिल्ली Published by: ‌डिंपल अलावाधी Updated Tue, 11 May 2021 12:45 PM IST …