Breaking News
Home / India भारत / ये कच्चे माल के लिए चीन पर निर्भरता कम करने की रणनीति बनाने का वक्त, pharmaceutical electronics and automobile industries raw materials import effect from China to india due to coronavirus outbreak-dlop | business – News in Hindi – GoIndiaNews

ये कच्चे माल के लिए चीन पर निर्भरता कम करने की रणनीति बनाने का वक्त, pharmaceutical electronics and automobile industries raw materials import effect from China to india due to coronavirus outbreak-dlop | business – News in Hindi – GoIndiaNews

Coronavirus Outbreak: ये कच्चे माल के लिए चीन पर निर्भरता कम करने की रणनीति बनाने का वक्त

फार्मा उद्योग का 90 फीसदी रॉ मैटीरियल चीन से आता है

चीन में कोरोना वायरस का प्रकोप शुरू होने के बाद वहां से इंपोर्ट काफी प्रभावित हुआ है. दवाओं के 90 फीसदी रॉ मैटीरियल के लिए हमारी डिपेंडेंसी चीन पर ही है. मोबाइल और उसके ज्यादातर पार्ट वहीं से आते हैं.

नई दिल्ली. इंडिया-चाइना इकोनॉमिक कल्चरल काउंसिल के सेक्रेटरी जनरल प्रोफेसर मो. साकिब का कहना है कि कोरोना वायरस संकट का यह वक्त कच्चे माल के लिए चीन पर भारत की निर्भरता कम करने की रणनीति बनाने का वक्त है. दवाओं के 90 फीसदी रॉ मैटीरियल के लिए हमारी डिपेंडेंसी चीन पर ही है. मोबाइल और उसके ज्यादातर पार्ट वहीं से आ रहे हैं. ऑटोमोबाइल तीसरा ऐसा सेक्टर है जिसका सबसे ज्यादा सामान चीन से ही आता है. चीन में कोरोना वायरस का प्रकोप शुरू होने के बाद वहां से इंपोर्ट काफी प्रभावित हुआ है. यही समय है कि हम इस बात पर विचार करें और नीति बनाएं कि आखिर कैसे हमारे यहां चीन की तरह छोटे और मध्यम उद्योग पनप सकते हैं.

न्यूज18 हिंदी से बातचीत में मो. साकिब ने कहा कि अमूमन इंडस्ट्री संचालक दो महीने का रॉ मैटीरियल रखते हैं फिर भी सप्लाई चेन टूट गई है इससे उद्योगों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है. चीन में 23 मार्च से कुछ फैक्ट्रियां खुलने लगी हैं. मुझे उम्मीद है कि 7 अप्रैल से वहां ऑफीशियली प्रोडक्शन शुरू हो जाएगा. लेकिन हमारे लिए यह ज्यादा जरूरी है कि हम किसी भी देश पर कच्चे माल के लिए अपनी निर्भरता कम करें. संसाधन बहुत हैं उसका सदुपयोग करने की जरूरत है. ताकि जब कोई ऐसी वैश्विक महामारी फैले तो हमारे देश में औद्योगिक उत्पादन पर असर न पड़े.

वित्त मंत्रालय की ओर से लोकसभा में दिए गए एक आंकड़े के मुताबिक चीन से जनवरी में 42,955 करोड़ रुपये का आयात हुआ था तो फरवरी में यह 35,494 करोड़ रुपये का रह गया.

 coronavirus outbreak side effect, india-China trade, Indian industries, important import from china, pharmaceutical industries, electronics industries, automobile industries, coronavirus lockdown, कोरोनावायरस प्रकोप का साइड इफेक्ट, भारत-चीन व्यापार, भारतीय उद्योग, चीन से महत्वपूर्ण आयात, दवा उद्योग, इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग, ऑटोमोबाइल उद्योग, कोरोनावायरस लॉकडाउन

कोरोना वायरस की वजह से चीन से इंपोर्ट प्रभावित हुआ है

सरकार ने क्या कहा?

भारत सरकार ने माना है कि चीन में कोरोनावायरस की वजह से फैक्ट्रियों के बंद होने से उन भारतीय उद्योगों पर प्रभाव पड़ने की संभावना है जो वहां से कच्चे माल का आयात करते हैं. इसमें फार्मास्यूटिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटोमोबाइल उद्योग शामिल हैं. फार्मास्यूटिकल विभाग द्वारा दवाओं के स्टॉक की उपलब्धता की नियमित रूप से समीक्षा करने एवं क्राइसिस मैनेजमेंट का उपाय सुझाने के लिए ज्वाइंट ड्रम कंट्रोलर की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया है.

यही नहीं सरकार ने विदेश स्थित भारतीय मिशनों से कहा गया है कि वे हमारे उत्पादन के लिए अपने-अपने देशों में कच्चे माल के स्रोत का पता लगाएं. कई मिशनों ने अपने-अपने देश में संभावित आपूर्तिकर्ताओं की सूची एक्पोर्ट प्रमोशन काउंसिल के साझा की है.

ये भी पढ़ें:

कोरोना वायरस लॉकडाउन: मुनाफाखोरों की मौज, सब्जियों से राशन तक सब कर दिया महंगा, ये रहा सबूत

कोरोना वायरस लॉकडाउन: 21 दिन बाद कितनी बदल चुकी होगी हमारी दुनिया

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए मनी से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.


First published: March 25, 2020, 8:58 PM IST

Source link

About admin

Check Also

ministers high level meeting held on covid 19 coronavirus decided temporary shelters provided to migrants | nation – News in Hindi – GoIndiaNews

बैठक में हुई समीक्षा. कोरोना वायरस संक्रमण (Coronavirus) पर हुई समीक्षा बैठक में लॉकडाउन (Lockdown) …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *